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पिंपल (मुँहासे) हटाने के 8 घरेलू उपाय

(Home remedies for Pimples in Hindi)

Synopsis: पिंपल क्यों होते हैं? पिंपल्स कैसे हटाये, पिंपल के दाग कैसे हटाये? पिम्पल्स/ मुँहासे हटाने के 8 घरेलू उपाय

आपने अक्सर कई लोगो के फेस पर मुँहासे याने पिम्पल्स होते देखा होगा। जो चेहरे की सुंदरता को कम कर देते है और कही न कही हमारे कॉन्फिडेंस लेवल पर भी इनका बुरा प्रभाव पड़ता हैं।

पर क्या आपको पता है मुँहासे और बड़े हुए छिद्र वाली त्वचा समस्या न केवल तैलीय त्वचा वाली लड़के/लड़कियों को होती हैं, बल्कि संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को भी हो सकती हैं।

पिंपल क्यों होते हैं ?

मुंहासे उत्पन्न होते हैं जब त्वचा के नीचे स्थित तेल ग्रंथियों से जुड़े स्किन के पोर्स बंद हो जाते हैं। यह बंदिश कॉमेडोन के रूप में जानी जाती है।पोर्स का बंद होना डेड स्किन सेल्स और बैक्टीरिया के विकास को बढ़ावा देता है, जिसके परिणामस्वरूप मुंह में सूजन और मुंहासे उत्पन्न हो सकते हैं।कई बार, मुंहासों के उत्पन्न होने का कारण हो सकते हैं आपके हार्मोन्स, आनुवंशिकी लक्षण, और तनाव।

इन सभी कारकों से निपटने के लिए उपचार में उचित स्किन केयर और स्वस्थ जीवनशैली का पालन करना महत्वपूर्ण होता है।

इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए, आप मुँहासों से बचाव और उपचार के लिए निम्नलिखित तरीके से त्वचा की देखभाल तथा दिनचर्या को अपना सकते हैं-

पिंपल्स कैसे हटाएं
(Pimples kaise hataye in hindi)

चलिए वो तरिके जानते है… पिंपल्स कैसे हटाये, पिंपल के दाग कैसे मिटाये

1.चेहरे की सफाई करें :

अपने चेहरे को नियमित रूप से धोये अगर हो सके तो बिना किसी फेसवाश का सहारा लेते हुए केवल हल्के कुनकुने पानी से धोये। जो की मुँहासों को बढ़ाने से बचा सकता है। सप्ताह में केवल 1 या  2 बार  नार्मल या  माइल्ड फेस वॉश का उपयोग करें।

2. अपनी बॉडी को रखें हाइड्रेटेड :

आप अपने शरीर में जितनी अधिक पानी की मात्रा को बढ़ाएंगे आपकी बॉडी उतनी ही अधिक हाइड्रेट रहेगी। क्यों कि इससे त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है और मुँहासों को कम किया जा सकता है।

3. अल्कोहल-मुक्त टोनर का उपयोग करे:

त्वचा को साफ, स्वच्छ रखने और पिम्पल फ्री रखने के लिए अल्कोहल-मुक्त टोनर का उपयोग करें।

 4. प्राकृतिक उपायों का प्रयोग करें:

नीम, टी ट्री ऑयल, बेसन, शहद और एलोवेरा जैसे प्राकृतिक/ नेचुरल तत्वों का उपयोग करें, जो त्वचा की सफाई और उपचार में मदद कर सकते हैं। जिनसे बढ़ते हुए पिम्पल्स को कंट्रोल किया जा सकता है।

5. हेल्दी आहार ले :

एक स्वस्थ और बैलेंस्ड आहार रखें जिसमें फल, सब्जियाँ, और पर्याप्त पानी शामिल हो। जितना हो सके ताली भुनी चीजों से परहेज़ करे।

6. मेकअप का सही तरीके से इस्तमाल करे :

अगर आप मेकअप करती हैं, तो अपने चेहरे पर मेकअप की परतो को सोने से पहले अच्छे से साफ करें ताकि त्वचा के पोर्स बंद न रहें और मुँहासों का खतरा कम हो।

आपकी त्वचा को सही पोषण प्रदान करने से ही आपके  मुहांसे (पिम्पल्स) दूर हो सकते हैं।

इस तरह इन सभी तरीको को अपनाकर आप अपनी त्वचा की देखभाल कर सकते है और मुँहासों की समस्या में सुधार ला सकते है है। यदि फिर भी कोई गंभीर समस्या हो, जिससे आपको आपके पिम्पल्स में कोई बदलाव नज़र न आ रहा हो तो किसी स्किन एक्सपर्ट डॉक्टर से सलाह ले सकते है।

इन सबके अलावा अगर आप चाहे तो नेचुरल/प्राकृतिक तरीको को अपनाकर भी पिम्पल्स (pimples) जैसी बड़ी समस्या से निदान पा सकते  है।

 

पिम्पल्स / मुँहासे हटाने के 8 घरेलू उपाय हिंदी में

हल्दी में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल गुण होते हैं जो मुँहासों को कम करने में मदद करते हैं, तो वही विटामिन C से भरपूर दही मैं लैक्टिक अम्ल होते है जो स्किन को क्लीन करने और मुहासो को उभरने से रोकने में सहायक होते है।

कैसे उपयोग करे ?

एक कटोरी में एक छोटी चम्मच हल्दी को दो बड़े चम्मच दही में मिलाएं।

इस मिश्रण को एक सामान कर चेहरे पर लगाएं और 15 से 20 मिनट तक रखें।

फिर ठंडे पानी या हल्के कुनकुने पानी से धो लें।

नियमितता : 

अच्छे रिजल्ट्स पाने के लिए हफ्ते में 3 से 4 बार नियमित रूप से इसे इस्तमाल करे।

सावधानिया :

  1. पहले इस पैक को पूरे चेहरे पर नहीं, बल्कि एक छोटे और छुपे हिस्से पर आजमाएं, ताकि आप जान सकें कि यह आपकी त्वचा को कैसे प्रभावित करता है।
  2. हल्दी की मात्रा को अधिक बिलकुल न करे क्यों कि इससे त्वचा में खुजली और लालिमा हो सकती है, इसलिए सही मात्रा में ही इस्तेमाल करें।
  3. 3.आपका दही ताज़ा ,स्वच्छ और गुणवत्ता से भरपूर होना चाहिए , ताकि त्वचा को उपयुक्त पोषण मिले।
  4. हल्दी का पैक लगाने के बाद, ध्यान दें कि यह त्वचा पर नीले या पीले रंग के निशान तो नहीं छोड़ रहा।
  5. सेंसिटिव स्किन वाले लोग इसका कम उपयोग करे।

ये सभी सावधानियाँ आपको सही तरीके से मुहासों के उपचार के लिए मदद कर सकती हैं।

2. नीम का तेल से करें कील मुंहासों का इलाज  (Neem oil to remove Acne and Pimples in hindi)

नीम के तेल में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण विध्यमान  होते हैं जो त्वचा से मुहासे कम करने में मदद करते है।

कैसे उपयोग करे ?

रात को सोने से पहले नीम के तेल को मुँहासे पर लगाएं और सुबह हल्के कुनकुने पानी से धो लें।

नियमितता : 

पिम्पल्स कम होने तक नीम का तेल नियमित रूप से उपयोग करें।

सावधानिया :

टी ट्री ऑयल एवं बेसन का प्रयोग ( Tea-tree-oil and besan ka prayog in hindi)

  1. अच्छा होगा अगर आप  इसे रात को सोने से पहले लगाएं, ताकि तेल रात भर त्वचा में समाहित हो सके।
  2. तेल लगाने के पहले चेहरे को अच्छे से साफ़ कर ले किसी कॉटन या ऊँगली की सहायता से लगाए।
  3. नीम का तेल को सावधानी पूर्वक औ
  4. र लिमिटेड मात्रा में ही उपयोग करें। अधिक मात्रा में इसका उपयोग करना त्वचा को खराब कर सकता है।
  5. ध्यान दें कि हर व्यक्ति की त्वचा की प्रकृति अलग होती है, और किसी भी उत्पाद का उपयोग करने से पहले छोटे से स्थान पर टेस्ट जरूर कर लें।

3. मुंहासों में पुदीने के पत्तो का उपयोग (Pudina (mint) to remove Pimples in hindi)

पुदीने के पत्तों में विटामिन सी, मेंथॉल, विटामिन ए, एंटी-इन्फ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज़, कई गुण और विटामिन्स होते हैं जो हमारे स्वास्थ्य तथा एंटीऑक्सीडेंट्स के रूप में कार्य करके शरीर को रोगों से बचाने में मदद कर सकता है। जिसमें मुहासे से आराम पाना प्रमुख है।

अगर आप चाहे तो पुदीने एवं हरा धनिया का शर्बत बना के भी पी सकते है यह आंतरिक रूप से त्वचा की सुरक्षा करेगा, पेट को साफ़ रखेगा ,पिम्पल्स को बढ़ने से रोकने में सहायता देगा।

कैसे उपयोग करे ?

पुदीने के पत्तों धो कर साफ कर ले फिर इन्हे पीसकर उनका रस निकालें और इसे मुँहासों पर लगाएं। यह चेहरे की चमक को बढ़ाता है और मुँहासे कम करने में मदद करता है।

नियमितता :

अच्छे रिजल्ट्स पाने के लिए इसे नियमित रूप से इसे इस्तमाल करे।

     सावधानिया :

  1. यदि आपकी त्वचा बहुत संवेदनशील है, तो इसे लगाने के पहले एक छोटे हिस्से पर आज़मा ले, ताकि कोई तकलीफ न उत्पन्न हो।
  2. मुँहासों को कम करने के लिए पुदीने के पत्तों का नियमित रूप से उपयोग करें।
  3. सबसे अच्छा रिजल्ट्स पाने के लिए आप इसे सोने से पहले लगाएं ताकि यह पूरी रात त्वचा में समाहित हो सके।
  4. पुदीने के पत्तों को धोकर और साफ़ करके ही उपयोग में लें।

4. टी ट्री ऑयल एवं बेसन का प्रयोग ( Tea-tree-oil and besan ka prayog in hindi)

(By using tea tree oil for remove pimples in hindi)

टी ट्री ऑयल एक एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुणों से भरपूर तेल है जो कील-मुहासो से राहत पाने के लिए प्रमुख होता है। तो वही बेसन में उपस्थित प्रोटीन, आयरन, फोस्फोरस, मैग्नीशियमऔर विटामिन बी जैसे पोषण से भरपूर तत्व होते हैं, जो त्वचा में कसावट ,रंग साफ़ करने और त्वचा को पिम्पल फ्री रखने में सहायक होता है।

कैसे उपयोग करे ?

एक छोटी चम्मच टी ट्री ऑयल को बेसन के साथ मिलाएं क्यों कि बेसन का उपयोग हम चेहरे पर मास्क के रूप में कर सकते है, जो त्वचा को साफ करने में मदद करता है और त्वचा के मुँहासों को कम कर सकता है। इस पेस्ट को मुँहासे पर लगाएं और 15 से 20 मिनट बाद धो लें।

नियमितता :

अच्छे रिजल्ट्स पाने के लिए इसे सप्ताह में 2 से 4 बार  नियमित रूप से इसे इस्तमाल करे।

सावधानिया :

  1. यदि आपकी त्वचा बहुत संवेदनशील है, तो इसे लगाने के पहले एक छोटे हिस्से पर आज़मा ले, ताकि कोई तकलीफ न उत्पन्न हो।
  2. टी ट्री ऑयल को हमेशा डाइल्यूट करके ही इस्तेमाल करें, ताकि त्वचा पर कोई जलन या चुभन का एहसास न हो।
  3. टी ट्री ऑयल और बेसन का नियमित रूप से उपयोग करें, लेकिन अधिकता से बचें। इन्हें लगाने की अधिक मात्रा त्वचा को रुखा बना सकती है।
  4. पैक लगाने के पहले त्वचा को साफ करे ले और फिर ही टी ट्री ऑयल और बेसन का उपयोग करें, ताकि ये त्वचा के अंदर सही से पहुंच सकें।

5. नींबू और शहद का मिश्रण- (Nimbu (Lemon) to remove Pimples and Acne in hindi)

नींबू और शहद का मिश्रण मुँहासों के लिए इस्तेमाल करना एक प्राकृतिक और सस्ता त्वचा उपचार हो सकता है क्यों कि त्वचा को बेदाग ,पिम्पल फ्री बनाने में निम्बू और शहद एक “रामबाण” इलाज है।

शहद में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो त्वचा के बैक्टीरिया को मारने में मदद करता और एलर्जी से राहत प्रदान करने के लिए भी जाना जाता है, जो त्वचा के इर्रिटेशन को कम कर सकता है।

नींबू में विटामिन सी होता है जो त्वचा को निखार और पिम्पल से निदान करने में मदद करता है।

कैसे उपयोग करे ?

एक क्लीन बाउल/ कटोरी में 1 बड़ा चमच्च शहद ले और इसमें 1 छोटा चमच्च नींबू का रस (5 से 6 बूँद ) मिला दे। नींबू रस और शहद को अच्छे से मिलाएं।

इस मिश्रण को एक छोटे ब्रश या ऊँगली की सहायता से मुँहासों पर लगाएं।

लगभग 15 से 20 मिनट तक इसे त्वचा पर रहने दें।

फिर ठंडे पानी या हलके कुनकुने पानी से अच्छे से धो लें।

नियमितता :

अच्छे रिजल्ट्स पाने के लिए इसे सप्ताह में 2 से 3 बार नियमित रूप से इस्तमाल करे।

सावधानियां:

  1. इसे अपनी दिनचर्या में स्थायी रूप से शामिल करें, जैसे कि रात को सोने से पहले।
  2. इसे ज्यादा देर तक त्वचा पर न लगा रहने दे क्योंकि यह त्वचा को सूखा सकता है और खुजली का कारण बन सकता है।
  3. इस प्रयोग को करते टाइम धूप में बिलकुल न निकले ,ताकि त्वचा को अधिक संवेदनशीलता ना महसूस हो।
  4. यह नुस्खा लगभग सभी स्किन टाइप वाले लोगो को सूट हो सकता है।

यदि आपको इस उपाय का इस्तेमाल करने के बाद भी समस्या होती है, तो त्वचा विशेषज्ञ से मिलें और सलाह लें।

6.   चंदन से करें कील मुंहासों का इलाज (Chandan Paste to remove Acne in Hindi)

एक कटोरी में एक या दो चम्मच नारियल तेल,  चन्दन पाउडर में गुलाब जल को मिलाकर गाढ़ा पेस्ट तैयार करें। अपनी उंगली से तेल को पिंपल पर लगाएं। इसे हर कुछ घण्टों में लगाते रहें।

7.   जैतून का तेल एक्ने के लिए फायदेमंद (Olive Oil good for removing Acne in Hindi)

चेहरे को अच्छी तरह से धोएं, फिर, एक कटोरी में गुनगुना किया हुआ जैतून तेल लें और इसे धीरे-धीरे अपने एक्ने पर लगाएं।

8.   एलोवेरा करें कील मुंहासों का इलाज (Aloevera to remove Acne in Hindi)

एलोवेरा का शीतल जेल आपके चेहरे को वास्तविक सुंदरता से भर देता है! बस एलो शूट को आधा काटकर, चमच से निकालें, और मुंहासों पर लगाएं। नियमित इस्तेमाल से जीवाणु संक्रमण और मुंहासों की सूजन में सुधार होगा। आप हर्बल स्टोर से एलोवेरा जेल भी प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन सुनिश्चित करें कि इसमें कोई अतिरिक्त तत्व नहीं हैं।

आशा है आप इस आर्टिकल में मुहासो/ मुँहासे /पिम्पल्स से सम्बंधित घरेलू उपायो और उनके इस्तमाल की विधी को अच्छे से जान चुके होंगे और यह उपाय आपके लिए कितने फायदेमंद रहे हमे जरूर से बताए।

अगर आपके पास कोई अन्य सुझाव और टिपण्णी हैं, तो हमसे जरूर साझा करें। हम आपके साथ हैं और आपके सारे सवालों के जवाब आप तक लाने की पूरी कोशिश करेंगे।

Published by

Harshita

Harshita is a seasoned writer with a passion for blogs writing which is related to our daily lifestyle. With over one years of experience, she has contributed to a variety of publications and blogs, providing insightful and engaging content on pregnancy, hair, skin, business, yoga. Background Harshita Bajaj holds a B.E & MTech in Electronics - communication & Digital Communication from RGPV. Over the years, Harshita has honed her skills in blogs writing, video creation, content marketing, storytelling, etc. Specialization Harshita specializes in writing about health, dadi maa ke nuskhe, pregnancy questionnaire, Skin, Hair, Yoga, Mahila samsya (women’s problem) etc. With a deep understanding of niche, she provides readers with practical tips, insightful analysis, and engaging stories.

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