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फाइब्रॉइडस सिकुड़ने के लिए कौन-कौन से आहार चुनें ?

Foods to shrink fibroids in Hindi/Diet Plan for Uterine Lumps and Infertility in Hindi

Synopsis: फाइब्रॉइडस सिकुड़ने के लिए कौन-कौन से आहार चुनें ? गर्भाशय की गांठ और बाँझपन के लिए आहार योजना

फाइब्रॉइड क्या होते है ? किन कारणों से होते है यह सब हमने आपको हमारे पिछले आर्टिकल में बताया।

अगर आप इस आर्टिकल से जुडी जानकारी को हासिल करना चाहते है तो आप इस लिंक पर जाकर पढ़ सकते है।

परतुं आज के इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे खाद्य पदार्थो को अपनी डाइट में शामिल करने की बात कर रहे हैं , जिनकी सहायता से फाइब्रॉइड की समस्या से झूझ रही महिलाये बिना दवाइयाँ लिए फाइब्रॉइड (Cysts ) के दर्द को कम कर सकती है क्यों कि यह सभी खाद्य पदार्थ फाइब्रॉइडस को सिकुड़ने में मदद करेंगे जिससे आपको इसके भयंकर दर्द से राहत मिलेगी।

साथ ही यहाँ हम आपके साथ एक ऐसी दिनचर्या शेयर कर रहे हैं जिसे आप अपनाकर घर बैठे इस फाइब्रॉइड समस्या से निजात पा सकते है।

चलिए बिना इंतज़ार किये  जानकारी को और अधिक हासिल करते है …

  • स्त्री रोग, बांझपन, और गर्भाशय में गांठ के लिए आहार और दिनचर्या
  • स्त्री रोग, बांझपन, और गर्भाशय में गांठ के लिए आहार
  • आवश्यक आहार जो लेना चाहिए
  • आवश्यक आहार जो नहीं लेना चाहिए

स्त्री रोग, बांझपन, और गर्भाशय में गांठ के लिए आहार और दिनचर्या

स्त्री रोग, बांझपन, और गर्भाशय में गांठ के लिए दिनचर्या

समय के अनुसार शुद्ध शाकाहार (भोजन) की योजना अपनाये

जैसे –

समय (टाइम)                                            शुद्ध शाकाहार (भोजन) की योजना

नाश्ते का समय

(9:00  से 9:30 )

उत्पम /उपमा /नमक कम नमकीन दलिया /2-3 इडली/मूंग दाल खिचड़ी/ अंकुरित अनाज /1-2 पतली रोटी + 1 कटोरी सब्जी + 1 कटोरी दाल /1 प्लेट ताजे फलों कासलाद (आम, अनार, केला,पपीता, सेब)/कार्नफ्लेक्स

दिन का भोजन समय

(01:00-02:00 PM)

2 -3 पतली रोटियां (मिश्रित अनाज आटा ) + 1 कप चावल(मांड रहित)+1 कटोरी दाल+ 1 छोटी प्लेट सब्जी  (रेशेदार, पत्तेदार, ताजी ) + 1 कटोरी सब्जियो कासलाद+मट्ठा |              

दिन का भोजन समय                             

(01:00-02:00 PM)

2 -3 पतली रोटियां (मिश्रित अनाज आटा ) + 1 कपचावल(मांड रहित)+1 कटोरी दाल+ 1 छोटी प्लेट सब्जी (रेशेदार, पत्तेदार, ताजी ) + 1 कटोरी सब्जियो का सलाद+मट्ठा |

रात्रि का भोजन समय              

(7: 00 – 8:00 PM)

1-2 पतली रोटियां ( मिश्रित अनाज आटा ) + 1 कटोरी सब्जी ( रेशेदार, ताजी,पत्तेदार )+1 कप चावल (मांड रहित)+ 1 कटोरी दाल + 1 कटोरी सब्जियो  का सलाद +मट्ठा।

सोने से आधा घंटा  पहले                 

(10:00 pm)

1 गिलास दूध

स्त्री रोग, बांझपन, और गर्भाशय में गांठ के लिए आहार

आवश्यक आहार जो लेना चाहिए

अनाज:  हो सके तो पुराना चावल, ओट्स, जौ

दालें: अगर आप दालों का सेवन करना चाहती है तो  मूंग, मसूर, काबुली चना आहार में शामिल कर सकती है।

सब्जियां: पत्तागोभी, ब्रोकॉली, बीन्स, गाजर, शकरकंद, कददू, चुकुन्दर व मूली, शलजम, पालक,मौसमानुसार सब्जियां ले सकती हैं।

फल: -सेब, अनार, केला,आम, पपीता |

अन्य आहार:  बादाम, लहसुन,  गेहू का अंकुर, ग्रीन–टी |

आवश्यक आहार जो नहीं लेना चाहिए

अनाज: इस बात का ध्यान रखें नया चावल, मैदा न लें।

दालें:  उड़द दाल का प्रयोग न करें क्यों कि इसका प्रयोग पेट में गैस बना सकता है जो फाइब्रॉइड के लिए दर्दनाक हो.

सब्जियां: आलू तथा अन्य कन्द मूल, बैंगन,

फल: खट्टे फल– संतरा, अंगूर, नीम्बू,लीसोरा,

कैसी जीवन शैली अपनाये ?

  1. सुबह होते ही दैनिक कार्यो से निर्वत्त होकर योग ,प्राणायाम पर विशेष ध्यान दें।
  2. अपने लिए एक घंटा जरूर निकालें।
  3. प्राणायाम पर विशेष ध्यान दे जिसमें आप भस्त्रिका, अनुलोम विलोम,बाह्यप्राणायाम, भ्रामरी, उदगीथ, उज्जायी करें।
  4. योग में प्रमुख रूप से नौकासन, कंधरासन, सर्वांगासन,बज्रासन, गोमुखासन,उत्तानपादासन करें।
  5. 10-15 मिनट मैडिटेशन करें जिसमे आप अपने आप के लिए स्वस्थ शरीर की कामना करते हो जैसे-
  • मैं बहुत स्वस्थ आत्मा हूँ।
  • मेरी सारी बीमारियाँ ठीक हो चुकी है।

 

  • ध्यान देने योग्य बात:-मासिक धर्म के समय योगा और प्राणायाम बिलकुल ना करें।

गर्भाशय गांठ और बाँझपन के लिए आवश्यक मार्गदर्शन

  • इन रोगों का मुख्य कारण मोटापा हो सकता है। शर्करा युक्त आहार से बचें, स्टार्च से भरपूर भोजन ना करें, और अधिक मात्रा में पानी पिएं।
  • गर्भनिरोधक दवाएं सिर्फ डॉक्टर की सलाह से ही लें, प्राकृतिक सौंदर्य प्रसाधनों से बचें, और प्लास्टिक से बंद किए जाने वाले खाद्यों का सेवन न करें।
  • रोजाना योग और प्राणायाम का अभ्यास करें अपने दैहिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए।

नियमित रूप से अपनाएं

  1. प्रतिदिन ध्यान और योग का अभ्यास करें।
  2. ताजगी और हल्के गरम भोजन का अवश्य सेवन करें।
  3. दिन में तीन से चार बार भोजन करें।
  4. भोजन को धीरे-धीरे शांत मन से ग्रहण करें, सकारात्मक और खुश मन से भोजन करें।
  5. अत्यधिक भोजन से बचें
  6. किसी भी समय भोजन को छोड़े नहीं।
  7. हफ्ते में एक बार उपवास करें।
  8. अमाशय का 1/3rd या 1/4th हिस्सा खाली रखें।
  9. भोजन को अच्छे से चबाकर और धीरे-धीरे खाएं।
  10. भोजन करने के बाद 3-5 मिनट टहलें।
  11. जहाँ तक हो सूर्योदय से पहले उठकर समय पर जाग जाएं [6:00 – 6:30AM]
  12. भोजन करने के बाद थोड़ा समय टहले और रात में सही समय पर नींद लें [9:30- 7:30 PM]
  13. प्रतिदिन दो बार ब्रश करें।
  14. प्रतिदिन जीव्हा।जीभ को साफ़ करें।

आशा है आपको इस आर्टिकल में फाइब्रॉएडस को सिकोड़ने (Foods to shrink fibroids in Hindi )से सम्बंधित लगभग सभी जानकारियाँ प्राप्त हो चुकी होंगी।

अगर आपके पास कोई अन्य सुझाव और टिपण्णी हैं, तो कृपया हमसे जरूर साझा करें। हम आपके साथ हैं और आपके सारे सवालों के जवाब आप तक लाने की पूरी कोशिश करेंगे।

Reference link

https://www.1mg.com/hi/patanjali/diet-plan-for-fibroid-cysts-and-infertility/

Published by

Harshita

Harshita is a seasoned writer with a passion for blogs writing which is related to our daily lifestyle. With over one years of experience, she has contributed to a variety of publications and blogs, providing insightful and engaging content on pregnancy, hair, skin, business, yoga. Background Harshita Bajaj holds a B.E & MTech in Electronics - communication & Digital Communication from RGPV. Over the years, Harshita has honed her skills in blogs writing, video creation, content marketing, storytelling, etc. Specialization Harshita specializes in writing about health, dadi maa ke nuskhe, pregnancy questionnaire, Skin, Hair, Yoga, Mahila samsya (women’s problem) etc. With a deep understanding of niche, she provides readers with practical tips, insightful analysis, and engaging stories.

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