गर्भावस्था के दौरान यूटीआई समस्या से कैसे निपटें?

How to deal with UTI problem during pregnancy in Hindi

Synopsis: गर्भावस्था के दौरान यूटीआई समस्या से कैसे निपटें? यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI in hindi ) की समस्या आख़िर गर्भावस्था के दौरान ही क्यों बढ़ जाती है ? इससे जुड़े प्रमुख लक्षण, गर्भावस्था के दौरान यूटीआई समस्या से बचाव के तरीके

मेरे सवाल के इस लेख में हम आपको बताने वाले है गर्भावस्था के दौरान यूटीआई समस्या से कैसे निपटा जा सकता है?

पर ग़ौर करने वाली बात यह है कि यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI in hindi ) की समस्या आख़िर गर्भावस्था के दौरान ही क्यों बढ़ जाती है ?

तो हम आपको बता दें कि, ई-कोलई (E-Coli) नाम के बैक्टेरियल इन्फेक्शन की वजह से  यूटीआई इन्फेक्शन (UTI infection) होने का खतरा और अधिक बढ़ जाता है। चूकि गर्भावस्था/ प्रेगनेंसी  के दौरान महिलाओं की बॉडी बहुत ज़्यादा सेंसिटिव होती है जिसके कारण यह समस्या उत्पन्न हो जाती है इसी दौरान गर्भ में भ्रूण (शिशु ) का विकास होना शुरू होने लगता है जिसकी वजह से ब्लेडर पर और यूरिनरी ट्रैक्ट पर प्रेशर पड़ता है जिसकी वजह से बेक्टेरिया आसानी से अंदर की तरफ ट्रेप हो जाता है या चला जाता हैं। आप नीचे दिए गए चित्र में देखकर इसे आसानी से समझ सकते है।

यही मुख्य कारण गर्भवती महिलाओं में UTI इन्फेक्शन की समस्या को पैदा करता है।

UTI कारण और उपचार

आइये जानते है

UTI इन्फेक्शन से जुड़े प्रमुख लक्षण

(Symptoms of UTI in Hindi)

  1. मूत्र (यूरिन) पास करते समय दर्द या जलन का अनुभव होना।
  2. बार-बार बाथरूम जाने का अहसास होना।
  3. अत्यधिक मात्रा में यूरिन का उत्पादन होना।
  4. कभी ज़्यादा मूत्र आना और कभी कम मूत्र आना ।
  5. मूत्र में अजीब सी बदबू का महसूस होना ।
  6. यूरिन पास करते टाइम खून का पेशाब के साथ दिखाई देना।
  7. पीले रंग की पेशाब का आना।
  8. बार-बार होठों का सूखना।
  9. पेशाब करते समय पेट के निचले हिस्से में ऐंठन और खिचाव का होना।
  10. शरीर में थकान और वीकनेस सा लगना।
  11. प्रेगनेंसी के समय यूरिन इन्फेक्शन से ग्रसित हो जाना।
  12. घंटो समय तक पेशाब को रोके रखना।
  13. महिलाओं में पीरियड्स ख़त्म होने के दौरान UTI इन्फेक्शन।
  14. डायबटीज़ या शुगर की समस्या हो जाने के दौरान।
  15. सेक्स के दौरान भी कई पुरुषों या महिलाओं में Urine Infection की समस्या हो सकती है।

अगर आपको इन सभी लक्षणों में से कोई भी लक्षण दिखाई पड़ते है तो तुरंत अपने डॉक्टर्स या गायनेकोलॉजिस्ट से संपर्क करें। जिससे आपको कन्फर्म हो जाये की कही आप UTI से ग्रसित तो नहीं है। अगर हो भी गए है तो वह आपको इसके उपचार के लिए कई विशेष सलाह देंगे।

वैसे तो यह इन्फेक्शन किसी को भी हो सकता है पर प्रेगनेंसी के समय UTI का खतरा बढ़ जाता है जिसका प्रभाव माँ और बच्चे दोनों पर पड़ता है यदि समय रहते इसका इलाज न किया जाये तो मिसकैरेज की नौबत भी आ सकती है और दुनियाँ में आने के पहले ही अपने बच्चे को खो सकती है इसलिए UTI की प्रॉब्लम को बिल्कुल भी लाइट न समझें और समय रहते ही इसका इलाज करवा लें।

अब जान लेते है गर्भावस्था के दौरान यूटीआई समस्या से बचाव के लिए आप कौन से कदम उठा सकते है।

जो निम्नलिखित है।

गर्भावस्था के दौरान यूटीआई समस्या से बचाव

(How to prevent UTI during pregnancy in Hindi)

1.

यह तो हम सभी जानते है UTI की प्रॉब्लम होते ही बार-बार यूरिन के लिए जाना होता है, हो सके तो जितनी बार आप वॉशरूम के लिए जाए आप अपने प्राइवेट पार्ट को ज़रूर से पानी की सहायता से धो लें या फिर टिशू पेपर का इस्तमाल करें।

 

2.

गर्भावस्था के दौरान अपने पेट का विशेष ध्यान रखे पर्याप्त मात्रा में पानी पीये,जिससे आपका पेट अच्छा साफ होगा और UTI की प्रॉब्लम होने की संभावना भी कम होंगी।

 

 

3.

पेट साफ रखने के लिए फाइबर युक्त आहार (सलाद) लें तथा विटामिन सी युक्त फलो को शामिल करे जैसे – अंगूर ,संतरा ,किवी ,तरबूज़ एवं सेब,अनार नियमित रूप से लें ।

 

 

4.

जितनी बार यूरिन/पेशाब आये उतनी बार जाये रोके बिल्कुल भी नहीं ज्यादा देर तक पेशाब को रोके रखना UTI की समस्या को बढ़ा सकता है। जिसका असर किडनी पर पड़ता हैं।

 

5.

UTI कि समस्या से बचने के लिए दवा का सही उपयोग केवल डॉक्टर या गायनेकोलॉजिस्ट के परामर्श के बाद ही करें जो वह जो दवाइयाँ सजेस्ट करें उन्ही को लें।

 

 

6.

अपने इंटरनल बॉडी पार्ट्स की साफ़ सफाई का विशेष ध्यान रखें, खासकर अंडरवियर को साफ रखें।

 

7.

अपनी बॉडी को हायड्रेट रखने के लिए और इन्फेक्शन /संक्रमण से बचाने के लिए नियमित रूप से नारियल पानी लें।

 

 

8.

ढ़ीले और सूती कपड़ो का चयन करें जिससे UTI के बचाव में मदद मिल सकें।

 

 

9.

मांसाहरी खाद्य पदार्थों से दूर रहे।

 

 

10.

गर्भावस्था के दौरान शरीरिक सबंध बनाने से अपने आपको दूर रखे क्यों कि संक्रमण का खतरा किसी भी रूप में हो सकता है।

 

इन सभी बातों को ध्यान में रखकर आप गर्भावस्था/प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली यूटीआई समस्या (UTI problem in hindi) से बच सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (People also asked)

1.

गर्भावस्था के दौरान शरीरिक सबंध बनाने से अपने आपको दूर रखे क्यों कि संक्रमण का खतरा किसी भी रूप में हो सकता है।

 

गर्भावस्था के दौरान, यूरीनालिसिस और यूरिन कल्चर के माध्यम से यूटीआई की पहचान की जा सकती है। यूरीनालिसिस में मूत्र के रासायनिक घटकों की जांच की जाती है, जबकि यूरिन कल्चर में जीवाणुओं की पहचान की जाती है।

2.

गर्भावस्था में मूत्र पथ के संक्रमण का जोखिम कितने सप्ताह तक होता है?

 

मूत्र पथ संक्रमण (यूटीआई), जिसे मूत्राशय संक्रमण भी कहा जाता है, मूत्र पथ में एक प्रकार की बैक्टीरियल सूजन होती है जो महिलाओं में गर्भावस्था के छठवे (6th week) हफ्ते से गर्भावस्था के 24वें हफ्ते तक होती है। यही वह समय होता ही जिसमे UTI इन्फेक्शन होने का खतरा और अधिक बढ़ जाता हैं।

3.

गर्भावस्था के दौरान यूटीआई क्यों अधिक आम है?

 

गर्भावस्था के दौरान यूटीआई की समस्या अधिक आम हो जाती है क्योंकि महिलाओं के शरीर में हार्मोनल परिवर्तन होते हैं, जो मूत्र पथ के बैक्टीरियल विकास को बढ़ा सकते हैं। साथ ही, गर्भावस्था के दौरान यूरीन के प्रवाह में बदलाव और मूत्राशय के आकार में वृद्धि भी होती है, जिससे यूटीआई का खतरा बढ़ाता है।

4.

गर्भावस्था के दौरान यूटीआई का कारण क्या हो सकता है?

 

ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस ये बैक्टीरिया आमतौर पर आंत में पाए जाते हैं, जिनकी एक्टिवनेस गर्भावस्था के दौरान ज्यादा बढ़ जाती है जो यूटीआई का कारण बन सकता है।

 

जैसे-जैसे जिससे गर्भ बढ़ता जाता है ब्लेडर पर और यूरिनरी ट्रैक्ट पर प्रेशर पड़ता है जिसकी वजह से बैक्टेरिया आसानी से अंदर की तरफ प्रवेश कर जाता है जिसके कारण यूरेथ्रा से किडनी की तरफ यूरिन का प्रवाह बढ़ जाता है ब्लेडर का आकर भी धीरे-धीरे कम हो जाता है। और यूरेथ्रा भी डाइलेटेड होना शुरू कर देता है जिसकी वजह से इन्फेक्शन होने का खतराप्रेग्नेंसी के दौरन बढ़ जाता है।

आज के इस आर्टिकल में हमने आपको गर्भावस्था के दौरन होने वाली सबसे आम समस्या UTI इन्फेक्शन (UTI Infection in Hindi) जानकारी दी। आशा है यह सुझाव आपके लिए और किसी जरूरतमंद महिला जो UTI से जूझ रही है उनके लिए उपयोगी सिद्ध हो जरूर शेयर करें। आपके कुछ सुझाव हो वह भी हमें बताए।

प्रेगनेंसी में यूरिन इन्फेक्शन? प्रेगनेंसी में यूरिन इन्फेक्शन के लक्षण एवं कारण

(Urine Infection in Pregnancy in Hindi)

Synopsis: प्रेगनेंसी में यूरिन इन्फेक्शन UTI के लक्षण, यूरिन इन्फेक्शन के कारण, एवं परेशानियां

यह तो हम सभी जानते ही है कि गर्भावस्था हर महिला के जीवन का एक महत्वपूर्ण भाग होता है और गर्भावस्था/प्रेगनेंसी के समय शरीर में कई परिवर्तन होते रहते है कुछ हार्मोनल बदलाव भी होते है जिसका असर हमारे पूरे शरीर पर होता है यहाँ तक की गर्भ में पल रहे बच्चे पर भी पड़ता है। जिसमे प्रेगनेंसी के समय यूरिन इन्फेक्शन (Urine Infection in Pregnancy) का होना आम बात है।

Table of content

  • यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन(UTI) होता क्या है ?( What is Urinary Tract Infection UTI in Hindi) ?
  • प्रेगनेंसी के दौरान यूरिन इन्फेक्शन क्यों हो जाता हैं ?( Why do urine infections occur during pregnancy in Hindi) ?
  • प्रेगनेंसी के दौरान यूरिन इन्फेक्शन के लक्षण (Sympotms o(Pregnancy me Urine Infection)f UTI during pregnanacy)
  • प्रेगनेंसी के दौरान यूरिन इन्फेक्शन के कारण (Causes of UTI during pregnanacy)
  • प्रेगनेंसी के दौरान यूरिन इन्फेक्शन की जटिलता/ कॉम्प्लीकेशन्स (Complications of UTI in Hindi)
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

अब आप सोच रहे होंगे…..  UTI (Urinary Tract Infection)

यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन होता क्या है ?

यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन एक प्रकार का ऐसा इन्फेक्शन है जो की योनि के अंदर होता है चुकी हमारे प्राइवेट पार्ट्स की त्वचा बहुत ही सेंसिटिव और संवेदनशील होती है जिसकी वजह से कई बार संक्रमण होने का खतरा और अधिक बढ़ जाता है यह संक्रमण किसी को भी कही भी हो सकता है जिसकी प्रमुख वजह है बैक्टीरिया का अधिक मात्रा में उत्तेजित हो जाना और किसी पब्लिक प्लेस में वाशरूम का उपयोग कर लेना या फिर असुरक्षित यौन सबंध का बना लेना, जिसकी वजह से योनि मार्ग या बाहरी हिस्से में सूजन सी हो जाती है।

यूरिनरी ट्रैक्ट के संक्रमण या यूटीआई ब्लैडर संक्रमण से जुड़ा होता है, यूटीआई इन्फेक्शन आपके यूरिन पास होने वाले रस्ते के किसी भी हिस्से में हो सकता है ,जिसमे किडनी भी शामिल हो सकती है क्यों कि यूरिन बनाने का काम किडनी करती है, एक यूरेटर होता है जो की यूरिन/पेशाब को

ब्लैडर तक ले जाने का काम करता है , ब्लैडर वह हिस्सा होता है जहाँ पेशाब जमा होती है और मूत्रमार्ग से पेशाब/यूरिन आपके शरीर से बाहर निकालती है।

प्रेगनेंसी के दौरान यूरिन इन्फेक्शन क्यों हो जाता हैं ?

(Pregnancy me Urine Infection)

UTI जिसका पूरा नाम यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (Urinary Tract Infection) है। ऐसा जरुरी नहीं है की  यूरिनरी इन्फेक्शन (UTI infection) केवल प्रेगनेंसी के दौरान ही होता है कई बार ऐसा भी देखा गया है , जब आप किसी ऐसी जगह वाशरूम का इस्तमाल कर लेते है जिसकी काफी समय से सफाई नहीं हुई हो और आप उस जगह पेशाब कर लेते है और जाने अनजाने में आप  (UTI infection) का शिकार हो जाते है जिसकी वजह से आपको कई समस्याओं का सामना भी करना पड़ जाता है।

यही खतरा (Urine Infection Pregnacy) गर्भावस्था /प्रेगनेंसी के समय/दौरान और अधिकं बढ़ जाता है। जिसकी वजह से प्राइवेट पार्ट में खुजली और जलन भी होने लगती है जो एक गंभीर समस्या है।

(UTI infection during pregnancy)

(Urine Infection Pregnancy in Hindi)

प्रेगनेंसी में यूरिन इन्फेक्शन के लक्षण

(Sympotms of uti during pregnanacy )

प्रेगनेंसी के समय यूरिन इन्फेक्शन के कई लक्षण देखने को मिलते है।

(UTI)  यूरिन इन्फेक्शन एक नार्मल कंडीशन है जो प्रेग्नेंट महिलाओं में होती है। जिसमें यूरिन पास होने वाली जगह के किसी भाग में बैक्टीरिया का अधिक संक्रमण बढ़ जाता है। जिसकी वजह से यह इंफेक्शन तेजी से फैलने लगता है और किडनी और पेट के निचले हिस्से को प्रभावित करता है।

जिसमें कुछ लक्ष्ण प्रमुख है।

  • पेशाब /बाथरूम करते टाइम पेट के निचले हिस्से में दर्द होना ।
  • बार-बार पेशाब का आना।
  • कभी ज्यादा पेशाब का आना और कभी बहुत ही कम आना।
  • प्रेगनेंसी के दौरान अधिक पेशाब बनता है जिसका प्रभाव बच्चेदानी पर पड़ता है और अधिक बार पेशाब जाना होता है। पर अगर आप UTI इन्फेक्शन से ग्रस्त है तो आपके लिए
  • यह दर्द ओर अधिक बढ़ जाता है।
  • पेशाब से बदबू आना।
  • पीले रंग की पेशाब आना।
  • कई बार आपको लगेगा बाथरूम आ रही है पर आती नहीं है।
  • योनि में दर्द महसूस होना दुर्गन्ध का आना।
  • सेक्स/सम्भोग के दौरान दर्द का महसूस होना।
  • शरीर में थकावट महसूस होना ,किसी भी काम में मन नहीं लगना।

प्रेगनेंसी के दौरान यह सभी प्रमुख लक्षण है जो अक्सर महिलाओं में देखे गए है अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण नज़र आता है तो आप उसे नज़रअंदाज़ बिल्कुल न करें तुरंत अपनी गयनोकोलॉजिस्ट या डॉक्टर से सम्पर्क करें।

अगर समय रहते UTI यूरिन इन्फेक्शन को कंट्रोल कर लिया गया तो गर्भावस्था के दौरान आप बहुत सी समस्याओं और त्रुटियों  से बच सकते है। (UTI during pregnancy in hindi)

प्रेगनेंसी के दौरान यूरिन इन्फेक्शन के कारण

(Causes  of uti during pregnanacy)

गर्भवस्था के दौरान यूरिन इन्फेक्शन के कई कारण हो सकते है।

जो कुछ इस प्रकार है।

  • शरीर में हार्मोन्स का चेंज होना – यह तो हम सभी जानते है कि गर्भावस्था के समय माँ और शिशु दोनों का एक दूसरे से गहरा सबंध होता है माँ जो भी ग्रहण करेगी उसका पूरा पोषण बच्चे को मिलेगा पर कई बार न चाहते हुए भी UTI इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता हैं।
  • मूत्राशय थैली का बढ़ना – गर्भावस्था के दौरान मूत्र प्रोडक्शन अधिक मात्रा में होता है जिसकी वजह से बार-बार पेशाब जाने की इच्छा महसूस होती है क्यों कि बच्चे के वजन का भी मूत्राशय थैली पर प्रभाव पड़ता है जिसकी वजह से यूरिन पास करते टाइम नीचे की तरफ बहुत खिचाव और दर्द महसूस होता है।
  • मूत्र उत्सर्जन पथ में बदलाव – हमने अब तक बात की मूत्राशय थैली के विकसित होने की पर एक बदलाव और है जिसकी वजह से मूत्र संक्रमण गर्भावस्था के दौरान बढ़ जाता है क्यों कि गर्भाशय की दीवारों और मांसपेशियों पर दबाव मूत्र के रास्ते और पथ को बदल सकता है जिसके कारण UTI इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता हैं।
  • इन्फेक्शन की चपेट में तेजी से आना – रोग प्रतिरोधक क्षमता गर्भावस्था के दौरान कम होती है। (Causes of uti during pregnanacy) जिसकी वजह महिलायें यूरिन इन्फेक्शन की चपेट में आ जाती है और संक्रमण फैलने लगता है पेशाब जाते टाइम पेट के निचले हिस्से (योनि) में दर्द और ऐठन सी होती है। जो यूरिन इन्फेक्शन का प्रमुख कारण है।

प्रेगनेंसी के दौरान यूरिन इन्फेक्शन की  जटिलता (कॉम्प्लीकेशन्स)

(Complications of UTI in Hindi)

प्रेगनेंसी (Pregnancy complications) के दौरान अगर यूरिन इन्फेक्शन के कॉम्प्लीकेशन्स की बात की जाय तो उसमें “सेप्सिस”आमतौर पर प्रमुख है क्यों कि सेप्सिस ऐसा कवकीय संक्रमण जो बैक्टीरिया या वायरल से उत्पन्न होता है और किसी भी उम्र के लोगों को कभी भी  कही भी प्रभावित कर सकता हैं। अगर समय रहते इसका इलाज न किया गया तो प्रेगनेंसी/गर्भावस्था में कई तरह के कॉम्प्लीकेशन्स आ सकते है।

आइये जानते है..

प्रेगनेंसी के दौरान होने वाले कुछ प्रमुख यूटीआई कॉम्प्लीकेशन्स (UTI Complications in hindi) के विषय में –

  1. प्रीमेच्योर प्रसव/डिलीवरी का जल्दी होना प्रेगनेंसी के दौरान अगर आपको यूटीआई इन्फेक्शन (UTI infection in pregnancy) हो जाता है तो इससे जल्दी प्रसव याने प्रीमेच्योर डिलीवरी (समय से पहले )डिलीवरी होने का खतरा बढ़ जाता है।
  2. हाई बीपी की समस्या – यूटीआई इन्फेक्शन (UTI infection in pregnancy) का खतरा प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं में बीपी हाई होने की समस्या को बड़ा  सकता हैं। जो प्रेगनेंसी के समय आपकी जान को जोखिम में डाल सकता है।
  3. किडनी प्रॉब्लम – UTI infection के कारण पेशाब का प्रोडक्शन ज्यादा होने लगता है और बार-बार वाशरूम जाने का महसूस होता है जिसके कारण मूत्र उत्सर्जन में दर्द और पीड़ा होती है। कभी ज्यादा पेशाब का आना जिसे (पॉलियूरिया) और कभी कम पेशाब का आना जिसे (अनूरिया) हो सकता है। जो की किडनी से सम्बंधित है।
  4. पेट के निचले हिस्से में सूजन – UTI infection के कारण कई बार पेट के निचले हिस्से में सूजन आ जाती है जिसके कारण मांसपेशियों में खिचाव होता है और नींद आना भी मुश्किल हो जाता है। शरीर में पानी की कमी का होना भी UTI इन्फेक्शन का मुख्य कारण है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

  1. क्या UTI का संक्रमण गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है

मूत्र संबंधी सर्जरी कराने या आपके मूत्र पथ की जांच  कराने जिसमें कई चिकित्सा उपकरण शामिल होते हैं, दोनों ही यूटीआई संक्रमण होने के ख़तरे को बढ़ा सकते हैं। लेकिन ठीक से इलाज किया जाए तो निचले हिस्से याने मूत्र पथ के संक्रमण होने का खतरा कम हो जाता है  लेकिन इलाज न किए जाने पर, यूटीआई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है।

  1. गर्भावस्था की मूत्र संबंधी जटिलताएँ क्या हैं

गर्भवती महिलाओं में सबसे आम समस्या मूत्र पथ की जटिलता (कठिनाई) पायलोनेफ्राइटिस है, जो लगभग सभी महिलाओ में गर्भधारण के 0.5-3% में होती है। इस स्थिति में यूरिन पास करने में दर्द और पीड़ा महसूस होती है।</p

  1. बार-बार पेशाब क्यों आ रहा है

बार-बार पेशाब आने के कई अलग-अलग  कारण हो सकते है जिसमें डायबटीज़ ,किडनी प्रॉब्लम , ब्लेडर प्रॉब्लम या प्रोस्टेट की समस्या भी हो सकती है। इसके आलावा गर्भावस्था में  मूत्र पथ के संक्रमण का लक्षण हो सकता है क्यों कि गर्भाशय के निचले हिस्से में UTI इन्फेक्शन के कारण सूजन बढ़ जाती है और यूरिन का प्रोडक्शन भी ज़्यादा हो जाता है जिसे उत्सर्जित होना महत्वपूर्ण हो जाता है।

  1. क्या पेशाब रोकने से गर्भधारण में समस्या हो सकती है?

गर्भावस्था के दौरान तेजी से पेशाब का आना (एयूआर) एक कॉमन प्रॉब्लम है। अगर समय रहते इसका इलाज नहीं किया गया, तो इससे मूत्राशय की थैली फट सकती है, गर्भपात/मिसकैरेज का खतरा हो सकता है, या यहां तक कि गर्भाशय फट भी सकता है जो मां और भ्रूण दोनों के स्वास्थ्य की दृष्टि से खतरे में डालते हैं।इसलिए प्रेग्नेंसी /गर्भावस्था के दौरान बिल्कुल भी शर्म न करें। जितनी बार वाशरूम जाना पड़े उतनी बार जाए।

  1. गर्भावस्था के दौरान पेशाब करने में क्या समस्याएँ होती हैं?

आपने अक्सर नोट किया होगा छींकते, खांसते और हंसते समय हमारी मांसपेशियां भी एक्टिव कंडीशन में आ जाती है और उनमे हल्का खिचाव भी महसूस होता है पर जब आप प्रेगनेंट होती है और इनमें से कसी भी स्थिति से गुजरती है तो आप पेशाब/यूरिन के तेज बहाव को रोकने में असमर्थ हो जाती हैं। क्योंकि पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां (मूत्राशय के आसपास की मांसपेशियां) बच्चे के जन्म की तैयारी के लिए थोड़ा आराम करती हैं। जो पेशाब को नहीं रोक पाती।

आशा है, अब आप प्रेगनेंसी के दौरान होने वाले यूटीआई इन्फेक्शन (UTI Infection during in pregnancy ) से जुड़ी सभी जानकारियों एवं इससे जुड़े बहुत से सवालों के जवाब हासिल कर चुके होंगे ।

अगर आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया हो तो अपने विचार हमारे साथ जरूर से साझा करें साथ ही किसी और विषय के बारे में जानने की रुचि रखते हैं तो उसे कमेंट बॉक्स में लिखें।

Reference links

https://www.momjunction.com/hindi/pregnancy-me-urine-infection/

https://hindiparenting.firstcry.com/articles/pregnancy-ke-dauran-uti-infection-hona-प्रेगनेंसी-के-दौरान-यूटीआई-इन्फेक्शन-होना/

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